Posts

Showing posts from June, 2024

नूर मुहम्मद चार्ली

Image
#01july  #30jun  नूर मोहम्मद चार्ली 🎂01 जुलाई1911 ⚰️30 जून 1983 भारतीय सिनेमा के पहले हास्य कलाकार नूर मोहम्मद चार्ली की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रधांजलि कल यानी 1 जुलाई को इसी कलाकार का जन्मदिन भी है नूर मोहम्मद चार्ली (1 जुलाई1911-30 जून 1983), जिन्हें चार्ली के नाम से जाना जाता है, एक अभिनेता थे, वह 1 जुलाई 1911 को रणावव गांव, पोरबंदर, सौराष्ट्र, भारत में पैदा हुए विभाजन के बाद वह पाकिस्तान चले गए।  अपनी कॉमेडी भूमिकाओं के लिए सबसे प्रसिद्ध, वह पहले 'स्टार' कॉमेडियन थे और उन्हें भारत के पहले कॉमेडी किंग के रूप में जाना जाता है। उन्होंने उस समय की कई शीर्ष अभिनेत्रियों के साथ एक हास्य नायक के रूप में अभिनय किया।  चार्ली चैपलिन के बहुत बड़े प्रशंसक होने के नाते, उन्होंने अपनी लोकप्रिय फिल्म द इंडियन चार्ली (1933) की रिलीज़ के बाद अपने नाम के आगे स्क्रीन नाम के रूप में "चार्ली" नाम जोड़ लिया। 1925-1946 तक विभाजन पूर्व भारत में उनका सफल कैरियर रहा।  विभाजन के बाद पाकिस्तान में उनका कैरियर ढलान पर चला गया वहाँ उन्होंने 12 से कम फिल्मों में काम किया वह अप...

मदन मोहन

Image
#25jun  #14july  मदन मोहन 🎂जन्म 25जुन 1924 ⚰️मृत्यू 14जुलाई 1975 25 जून 1924, एरबिल, इराक मृत्यु की जगह और तारीख: 14 जुलाई 1975, मुम्बई पत्नी: शीला कोहली (विवा. 1953–1975) बच्चे: संजीव कोहली माता-पिता: राय बहादुर चुन्नीलाल, भगवंती देवी मदन मोहन हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध संगीतकार हैं। गजलों और नज़्मों की रूहानी तर्जों के सृजन के लिए अपना लोहा मनवाने वाले इस संगीतकार का पूरा नाम मदन मोहन कोहली था। अपनी युवावस्था में ये एक सैनिक थे। बाद में संगीत के प्रति अपने झुकाव के कारण ऑल इंडिया रेडियो से जुड़ गए। तलत महमूद तथा लता मंगेशकर से इन्होंने कई यादगार गज़लें गंवाई जिनमें - आपकी नजरों ने समझा (अनपढ़, 1962), अगर मुझसे मोहब्बत है जैसी रचनाएँ शामिल हैं। इनके मनपसन्द गायक मौहम्मद रफ़ी थे। जब ऋषि कपूर और रंजीता की फिल्म लैला मजनूँ बन रही थी तो गायक के रूप में किशोर कुमार का नाम आया परन्तु मदन मोहन ने साफ कह दिया कि पर्दे पर मजनूँ की आवाज़ तो रफ़ी साहब की ही होगी और अपने पसन्दीदा गायक मोहम्मद रफी से ही गवाया और लैला मजनूँ एक बहुत बड़ी म्यूजिकल हिट साबित हुई। साथ ही रफी सा...

नसीम बानो

Image
#18jun  #04july  नसीम बानो  रोशन आरा बेगम 🎂04 जुलाई 1916 दिल्ली, ब्रिटिश इंडिया ⚰️18 जून 2002 (उम्र 85) मुम्बई, महाराष्ट्र, भारत पेशा अभिनेत्री कार्यकाल 1935–1957 जीवनसाथी एहसान-उल-हक बच्चे सायरा बानो (बेटी) सुल्तान अहमद (बेटा) भारत के दिल्ली शहर में जन्मे, एक अमीर कुलीन परिवार के मुखिया के रूप में, नसीम के पिता हसनपुर के नवाब अब्दुल वहीद खान थे। नसीम, ​​जिसका नाम रोशन आरा बेगम था, ने दिल्ली के क्वीन मैरी हाई स्कूल में पढ़ाई की; उनकी माँ शमशाद बेगम चाहती थीं कि वे एक डॉक्टर बनें।शमशाद बेगम, जिन्हें छमियां बाई के नाम से भी जाना जाता है, उन दिनों की एक प्रसिद्ध और अच्छी कमाई करने वाली गायिका थीं। नसीम ने एक बार कहा था कि उनकी माँ ने उससे भी ज्यादा कमाती हैं, जब वह खुद 3,500 रूपये का वेतन कमा रही थी। नसीम फिल्मों के लिए काफी उत्सुक था और अभिनेत्री सुलोचना (रूबी मायर्स) की प्रशंसाक थी, जब से उन्होंने उनकी एक फिल्म देखी थी, लेकिन उनकी माँ फिल्मों के विचार के खिलाफ थी।एक बार बॉम्बे की यात्रा के दौरान, नसीम को फिल्म की शूटिंग देखने में दिलचस्पी हुई और एक सेट पर उन्ह...

चंदर शेखर

Image
#07july  #17jun  indo-canadian mudar: अभिनेता चन्द्रशेखर 🎂07 जुलाई 1923, भारत ⚰️ 16 जून 2021, मुम्बई बच्चे: अशोक शेखर चंद्रशेखर वैद्य भारतीय सिने अभिनेता थे। उन्हें मुख्यत: चंद्रशेखर के नाम से ही जाना जाता था। वैसे तो उन्होंने कई फ़िल्मों में अभिनय किया लेकिन उन्हें मुख्य पहचान रामानंद सागर के टीवी धारावाहिक 'रामायण' में अपने किरदार आर्य सुमंत के कारण मिली। रामायण की कथा के अनुसार सुमंत महाराजा दशरथ के महामंत्री थे। धारावाहिक में चंद्रशेखर ने सुमंत की भूमिका में जान डाल दी थी। चंद्रशेखर का अभिनय कॅरियर सिर्फ रामायण तक सीमित नहीं रहा। उन्‍होंने 100 से अध‍िक फिल्‍मों में छोटे-बड़े रोल किए। उन्होंने 50 से लेकर 90 के दशक तक 'गेटवे ऑफ इंडिया', 'बरसात की रात', 'कटी पतंग', 'द बर्निंग ट्रेन', 'नमक हलाल', 'डिस्को डांसर', 'शराबी', 'त्रिदेव' जैसी फिल्मों में काम किया। परिचय चंद्रशेखर वैद्य का जन्म 7 जुलाई, 1922 को हैदराबाद में हुआ था। उनके पिता सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थे। चंद्रशेखर जब छोटे थे, तब उनकी मां गुजर ...

सज्जाद हुसैन

Image
#15jun  #21july  सज्जाद हुसैन संगीतकार 🎂15 जून 1917, सीतामऊ ⚰️: 21 जुलाई 1995, माहीम, मुम्बई बच्चे: अब्दुल करीम, नासिर अहम्मद, यूसुफ हुसैन, मुस्तफा हुसैन · ज़्यादा देखें माता-पिता: मोहम्मद आमिर खान सज्जाद हुसैन का जन्म 1917 में सीतामऊ में हुआ था , जो उस समय तत्कालीन सेंट्रल इंडिया एजेंसी का एक गाँव था , जो अब भारत के मध्य प्रदेश का हिस्सा है । बचपन में उन्हें उनके पिता मोहम्मद आमिर खान ने सितार सिखाया था। उन्होंने अपनी किशोरावस्था के दौरान वीणा , वायलिन , बांसुरी और पियानो सीखा । वह एक कुशल मैंडोलिन वादक भी थे, और इस वाद्य यंत्र पर भारतीय शास्त्रीय संगीत बजा सकते थे । 1937 में सज्जाद हुसैन ने फ़िल्म स्कोर संगीतकार के रूप में अपनी किस्मत आजमाने का फ़ैसला किया और अपने बड़े भाई निसार हुसैन के साथ बॉम्बे आ गए। उनकी पहली नौकरी सोहराब मोदी की मिनर्वा मूवीटोन में 30 रुपये महीने पर थी। बाद में वे वाडिया मूवीटोन में चले गए, जहाँ उन्हें 60 रुपये महीने पर काम करना पड़ा। अगले कुछ सालों में उन्होंने संगीतकार मीर साहब और रफ़ीक ग़ज़नवी के सहायक के रूप में और शौकत हुसैन रिज़वी के...

अंजुमन जयपुरी

Image
#15jun  #15july  गीतकार अंजुम जयपुरी 🎂15 जून, 1915 ⚰️ 15 जुलाई, 1990 उनके बारे में बहुत ज़्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है अगर किसी साथी के पास हो तो शेयर करें अंजुम जयपुरी हिंदी फिल्मों की एक प्रसिद्ध गीतकार थीं। जन्म : 15 जून, 1915 मृत्यु : 15 जुलाई, 1990 गीतकार अंजुम जयपुरी की फिल्में वीर बब्रुवाहन (1950) मेहरबानी (1950) हमारी शान (1951) अलादीन और जादूई चिराग (1952) सिंदबाद द सेलर (1952) अन्नदाता (1952) नव दुर्गा (1953) मिस माला (1954) टूटे खिलौने (1954) शाही मेंहमान (1955) बादल और बिजली (1956) इंसाफ (1956) सुल्ताना डाकू (1956) ताज पोशी (1957) तलवार का धनी (1957) राज सिंघासन (1958) तीसरी गली (1958) सिंदबाद की बेटी (1958) चालबाज़ (1958) जंगल किंग (1959) सारा जहां हमारा (1961) मुजरिम कौन खूनी कौन (1965) दुनिया है दिलवालों की (1966) नीलिमा (1975) नियाज़ और नमाज़ (1977)) बीवी किराये की (1977) दीन और ईमान (1979) किसी के पास अंजुम जयपुरी की अधिक जानकारी हो तो टिपनी जरूर करे।🙏

मेंहदी हसन

Image
#18july #13jun मेंहदी हसन 🎂18 जुलाई 1927, Luna, Rajasthan ⚰️मृत्यु : 13 जून 2012, आगा खान विश्वविद्यालय अस्पताल, कराची, पाकिस्तान माता-पिता: उस्ताद अज़ीम खान भाई: गुलाम कादिर बच्चे: आसिफ मेहदी ग़ज़ल सम्राट मेंहदी हसन मेहदी हसन प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक थे। उन्हें 'ग़ज़ल का राजा' माना जाता है। उन्हें 'ख़ाँ साहब' के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो ग़ज़ल के इस सरताज पर पाकिस्तान फ़ख़्र करता था, मगर भारत में भी उनके मुरीद कुछ कम न थे। मेहदी हसन मूलत: राजस्थान के थे। जीवन परिचय ग़ज़ल सम्राट मेहदी हसन का जन्म 18 जुलाई, 1927 को राजस्थान के झुंझुनू के लूणा गाँव में हुआ था। मेहदी हसन को संगीत विरासत में मिला। हसन मशहूर कलावंत संगीत घराने के थे। उन्हें संगीत की तालीम अपने वालिद उस्ताद अज़ीम ख़ाँ और चाचा उस्ताद इस्माइल ख़ाँ से मिली। इन दोनों की छत्रछाया में हसन ने संगीत की शिक्षा दीक्षा ली। मेहदी हसन ने बहुत छोटी उम्र में ही ध्रुपद गाना शुर कर दिया था। ग़ज़ल की दुनिया में योगदान के लिए उन्हें 'शहंशाह-ए-ग़ज़ल' की उपाधि से नवाजा गया था। भारत-पाक के बँटवारे के बाद मेहदी ...