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कल्पना मोहन (जनम)

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कल्पना या कल्पना मोहन 🎂18 जुलाई 1946 ⚰️04 जनवरी 2012 जिनका जन्म नाम अर्चना मोहन था, 1960 के दशक में हिंदी सिनेमा में काम करने वाली एक भारतीय अभिनेत्री थीं। उन्होनें शम्मी कपूर के साथ प्रोफेसर, देव आनंद के साथ तीन देवियां, प्रदीप कुमार के साथ सहेली और फ़िरोज़ ख़ान के साथ तस्वीर और तीसरा कौन में काम किया है। यह एक क्रांतिकारी अवनि मोहन की बेटी थीं साथ ही पंडित शंभू महाराज के द्वारा प्रशिक्षित एक निपुण कथक नृत्यांगना भी थीं। वह अपने परिवार के साथ पुणे में रहती थीं। पुणे अस्पताल और अनुसंधान केंद्र में 4 जनवरी 2012 की सुबह उनकी मृत्यु हो गई। क्रांतिकारी अवनि मोहन की बेटी कल्पना पंडित शंभू महाराज के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित एक निपुण कथक नर्तकी भी थीं । वह अपने परिवार के साथ पुणे में रहती थीं।  वह कुछ समय के लिए अंबाला कैंट में रहीं। कुछ सालों तक वह अंबाला कैंट के एक स्कूल में गईं। उनके पिता 1962-63 के दौरान अंबाला कैंट में निकल्सन रोड पर स्थित खादी और ग्रामोद्योग आयोग के राज्य कार्यालय में कार्यरत थे। 18 जुलाई 1946 को श्रीनगर में अर्चना मोहन के रूप में जन्मी कल्पना मोहन पंजाबी और डोगरा...

पूर्णिमा जयराम

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#18july  पूर्णिमा जयराम 🎂18 जुलाई 1960  मुम्बई इनको पूर्णिमा भाग्यराज के नाम से भी जाना जाता है। बच्चे: सारन्या भाग्यराज, शान्तनु भाग्यराज, शांतनु भाग्यराज माता-पिता: जयराम पति: भाग्यराज (विवा. 1984) राष्ट्रीयता भारतीय सक्रिय वर्ष 1977–1985 2013–वर्तमान रिश्तेदार कीर्ति शांतनु (बहू)  (जन्म पूर्णिमा जयराम) मलयालम और तमिल फिल्मों की एक भारतीय फिल्म अभिनेत्री हैं। उन्होंने कुछ हिन्दी और तेलुगु फिल्में भी की हैं। वह 1980 से 1985 तक अपनी प्रमुख भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं। तमिल में मोहन और मलयालम में शंकर के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन जोड़ी को खूब सराहा गया। उनका जन्म एक तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था और उनकी मातृभाषा तमिल है। उन्होंने तमिल निर्देशक, अभिनेता, निर्माता और पटकथा लेखक के. उनका विवाह 7 फरवरी 1984 को भाग्यराज से हुआ और उनकी एक बेटी सरन्या और एक बेटा शांतनु है। उन्होंने अपनी शादी से पहले 1984 में फिल्मों में अभिनय छोड़ दिया और 28 साल बाद 2013 में आधालाल कधल सीवर से वापसी की। पूर्णिमा भाग्यराज ( नी जयराम) मलयालम और तमिल फिल्मों में काम करने वाली एक भारतीय अभिनेत्री हैं।...

कृष्ण भारद्वाज (अभिनेता)

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#18july  कृष्ण भारद्वाज (अभिनेता) 18 जुलाई 1983  रांची , झारखंड , भारत पेशा अभिनेता सक्रिय वर्ष 2006 से के लिए जाना जाता है तेनाली राम कृष्णा भारद्वाज एक भारतीय टेलीविजन अभिनेता हैं। उनका जन्म रांची, झारखंड में हुआ था । उन्होंने जसुबेन जयंतीलाल जोशी की संयुक्त फैमिली , सुख बाय चांस , आरके लक्ष्मण की दुनिया , पिया बसंती रे , ध्रुव तारा - समय सदी से परे और तेनाली रामा जैसे शो में भूमिकाएँ निभाई हैं। उन्होंने कुछ छोटी फिल्मों में भी अभिनय किया, जैसे "आई गेस" (2013)। कृष्णा भारद्वाज वर्तमान में सोनी सब के शो ध्रुव तारा - समय सदी से परे में युवराज महावीर की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आखिरी बार सब टीवी के लिए एक टीवी सीरीज तेनाली रामा में शीर्षक भूमिका निभाई थी जिसका आखिरी एपिसोड 13 नवंबर 2020 को प्रसारित किया गया था, यह सीरीज मध्यकालीन भारत के विजयनगर साम्राज्य में 16वीं सदी के दरबारी कवि पर आधारित थी , जिन्हें उनकी असाधारण बुद्धि के लिए याद किया जाता है। उन्होंने इस भूमिका के लिए अपना सिर मुंडवा लिया था। उन्होंने एक गुजराती फिल्म चल मन जीतवा जाइए में भी मुख्य भूमिका निभाई है ।...

प्रियंका चोपड़ा

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#18july प्रियंका चोपड़ा 18 जुलाई 1982 जमशेदपुर पति: निक जोनस (विवा. 2018) भाई: सिद्धार्थ चोपड़ा माता-पिता: मधु चोपड़ा, अशोक चोपड़ा आज अंतराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा नाम बन चुकी हैं । आज जिस मुकाम पर देसी गर्ल हैं वहां तक पहुंचने का सपना बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों ने देखा । साल 2002 में तमिल फिल्म ‘थमीजन’ से फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली प्रियंका चोपड़ा ने अपने 19 साल के करियर में कई बड़े सितारों के साथ काम किया । उन्होंने 'मैरी कॉम ' जैसी फिल्मों की सफलता की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई । आज प्रियंका उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं जो एक अभिनेता के जितनी ही फीस लेती हैं । प्रियंका चोपड़ा का 18 जुलाई को जन्मदिन हैं और इस खास मौके पर हम अपने आर्टिकल में आपको उनकी जिंदगी से जुड़ी कई दिलचस्प बाते बताएंगे । प्रियंका चोपड़ा का जन्म 18 जुलाई 1982 में जमशेदपुर में हुआ था हालांकि प्रियंका राय बरेली की रहने वाली हैं और उन्होंने वही से अपनी पढ़ाई की है । प्रियंका की मां मधु चोपड़ा और उनके पिता अशोक चोपड़ा दोनों ही पेशे से डॉक्टर थे । प्रियंका चोपड़ा बचपन मे बहुत अधिक शरारत करती थीं जिसकी वजह से उनके...

सुखविंदर सिंह

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#18july  सुखविंदर सिंह 18 जुलाई 1971 अमृतसर, पंजाब , भारत व्यवसाय गायक एक भारतीय पार्श्व गायक हैं जो मुख्य रूप से बॉलीवुड गाने गाते हैं। उन्होंने फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर में " जय हो " गाया , जिसके लिए उन्हें मोशन पिक्चर, टेलीविज़न या अन्य विज़ुअल मीडिया के लिए लिखे गए सर्वश्रेष्ठ गीत के लिए ग्रैमी पुरस्कार मिला। उन्हें अपने गायन के लिए दो फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार भी मिले हैं। सुखविंदर सिंह का जन्म अमृतसर, पंजाब में भट्टी परिवार में हुआ था। उनके चार भाई हैं। उन्होंने प्रो. बीएस नारंग से संगीत सीखा। उन्होंने टी. सिंह के साथ मुंडा साउथहॉल दा नामक एक पंजाबी एल्बम जारी किया, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की मंडली में शामिल हुए , और काम की तलाश में दक्षिण भारत जाने से पहले जल्द ही एक संगीत अरेंजर बन गए। उन्होंने तमिल फिल्म रत्चगन के लिए गाया । सिंह को बॉलीवुड में ब्रेक फिल्म खिलाफ़ के गाने "आजा सनम" से मिला। यह प्रदर्शन काफी हद तक अनदेखा रहा। वे पहली बार एआर रहमान के लिए फिल्म दिल से... में " छैय्या छैय्या " गाने से प्रसिद्ध हुए , जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। य...

सिगार भूपेंद्र सिंह

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#06feb #18july  भूपिंदर सिंह पूरा नाम भूपिंदर सिंह 🎂जन्म 06 फ़रवरी, 1940 जन्म भूमि अमृतसर, पंजाब ⚰️मृत्यु 18 जुलाई, 2022 मृत्यु स्थान मुम्बई, महाराष्ट्र अभिभावक पिता- प्रोफेसर नत्था सिंह पति/पत्नी मिताली सिंह संतान पुत्र- निहाल कर्म भूमि भारत कर्म-क्षेत्र भारतीय सिनेमा प्रसिद्धि ग़ज़ल व पार्श्वगायक नागरिकता भारतीय अन्य जानकारी संगीतकार मदन मोहन ने एक संगीत समारोह में भूपिंदर सिंह को गाते देखा तो बस उनकी आवाज़ और अंदाज पर ऐसे फिदा हुए कि उनको अपनी अगली फिल्म में मौका देने की ठान ली। भूपिंदर सिंह (अंग्रेज़ी: Bhupinder Singh, जन्म- 6 फ़रवरी, 1940; मृत्यु- 18 जुलाई, 2022) भारतीय सिनेमा के ख्याति प्राप्त पार्श्वगायक और ग़ज़ल गायक थे। उनके गाये हुए प्रसिद्ध गीतों में 'मेरा रंग दे बसंती चोला', 'नाम गुम जाएगा', 'प्यार हमें किस मोड़ पे', 'हुजूर इस कदर' आदि शामिल है। फ़िल्म 'मौसम' के गीत 'दिल ढूंढता है फिर वही, फुरसत के रात दिन' के गायक भूपिंदर सिंह ने संगीत की दुनिया में अपनी सत्ता लगातार बनाए रखी। अपनी जवारीदार गंभीर आवाज़़ से मखमली एहसास पैदा क...