भिखारी ठाकुर
भोजपुरी के शेक्सपीयर कवि, गीतकार,नाटककार, नाट्य निर्देशक, लोक संगीतकार और अभिनेता भिखारी ठाकुर 🎂18 दिसंबर 1887, छपरा ⚰️ 10 जुलाई 1971 किताबें: Ganga Asnan फ़िल्में: बिदेसिया माता-पिता: शिवकली देवी, दल सिंगार ठाकुर भाषा: भोजपुरी भिखारी ठाकुर भोजपुरी के समर्थ लोक कलाकार, रंगकर्मी लोक जागरण के सन्देश वाहक, नारी विमर्श एवं दलित विमर्श के उद्घोषक, लोक गीत तथा भजन कीर्तन के अनन्य साधक थे।भिखारी ठाकुर बहुआयामी प्रतिभा के व्यक्ति थे। वे एक ही साथ कवि,गीतकार, नाटककार, नाट्य निर्देशक, लोक संगीतकार और अभिनेता थे। भिखारी ठाकुर की मातृभाषा भोजपुरी थी और उन्होंने भोजपुरी को ही अपने काव्य और नाटक की भाषा बनाया। राहुल सांकृत्यायन ने उनको 'अनगढ़ हीरा' कहा था तो जगदीशचंद्र माथुर ने 'भरत मुनि की परंपरा का कलाकार'। उनको भोजपुरी का शेक्सपीयर'भी कहा गया। भिखारी ठाकुर का जन्म 18 दिसम्बर, 1887 के बिहार के सारन ज़िले के कुतुबपुर (दियारा) गाँव में एक नाई परिवार में हुआ था। उनके पिताजी का नाम दल सिंगार ठाकुर व माताजी का नाम शिवकली देवी था। भिखारी ठाकुर का रचनात्मक संसार बेहद सरल ह...