रामलाल संगीतकार
#15aug #04july संगीतकार बांसुरी वादक,शहनाई वादक रामलाल 🎂15अगस्त 1922 ⚰️04 जुलाई 2007 में रामलाल का निधन हो गया लगभग भुला दिये गये संगीतकार बांसुरी वादक,शहनाई वादक रामलाल की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रद्धांजलि रामलाल बांसुरी और शहनाई वादन के कारण फिल्म संगीतकार बनने से पहले ही प्रसिद्ध हो गए थे। झांसी की रानी, मुगले आजम, नवरंग जैसी कई फिल्मों में शहनाई-बांसुरी बजाने वाले रामलाल ने ही रानी रूपमती के प्रसिद्ध गीत, ‘आ लौट के आ जा मेरे मीत’ में शहनाई वादन किया था। रामलाल सन 1944 में बंबई आकर पृथ्वी थिएटर्स में संगीतकार राम गांगुली के सहायक रहे। आग के कई गीतों में रामलाल की बजाई बांसुरी गूंजी थी। ‘जिंदा हूं इस तरह’ में उन्होंने पहली बार किसी फिल्मी गीत के लिए बांसुरी बजाई। व्ही. शांताराम ने उन्हें 200 रुपये महीने के पारिश्रमिक पर अपने यहां नियुक्त कर लिया। रामलाल ने शांताराम की सभी फिल्मों में बांसुरी और शहनाई वादन किया। शिवराम, वसंत देसाई, नौशाद, सी. रामचंद्र, आर.सी. बोराल, गुलाम मोहम्मद जैसे कितने संगीतकारों के साथ उन्होंने वादन किया। गूंज उठी शहनाई में बिस्मिल्ला खां ...