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महमूद

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#29sep #23july  महमूद जन्म: 29 सितंबर 1932, मुंबई मृत्यु: 23 जुलाई 2004  (आयु 71 वर्ष), डनमोर, पेनसिल्वेनिया, संयुक्त राज्य अमेरिका जीवनसाथी: मधु अली (विवाह 1953-1967),  ट्रेसी अली (विवाह ?-2004) बच्चे: लकी अली, पक्की अली, मंसूर अली, बेबी गिन्नी, मैकी अली, मंजूर अली, मासूम अली भाई-बहन: मीनू मुमताज, अनवर अली, उस्मान अली, खैरुन्निसा मेमन, सुभान अली, भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय और प्रसिद्ध अभिनेता, हास्य अभिनेता और फिल्म निर्माता महमूद  कॉमेडी किंग महमूद जिन्होंने अपनी फिल्मों के मुख्य अभिनेताओं से ज़्यादा कमाया। कुछ लोग तो यह भी कहते हैं कि जो निर्माता अपनी फिल्मों को ब्रांड बनाने के लिए उत्सुक थे, उन्होंने फिल्म क्रेडिट में महमूद का नाम लिया। इतना ही नहीं, 1962 में प्रदीप कुमार और मीना कुमारी अभिनीत फिल्म "आरती" में, महमूद के लिए विशेष रूप से एक किरदार बनाया गया था। ऐसा माना जाता है कि अपने करियर के चरम पर, महमूद सिर्फ़ 14 दिनों की शूटिंग के लिए 7.5 लाख रुपये कमाते थे, जो उन दिनों में बहुत बड़ी रकम थी। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने एक बार लिखा था कि कैसे बीते ज़मान...

मोहनअगाशे

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#23july  मोहनअगाशे मोहन महादेव अगाशे 23 जुलाई 1947  भोर,बॉम्बे प्रेसिडेंसी, ब्रिटिश भारत आवास पुणे राष्ट्रीयता भारतीय पेशा अभिनेता, मनोचिकित्सक मोहन आगाशे का जन्म महाराष्ट्र के भोर में हुआ था। वह भोर में प्रारंभिक शिक्षा के बाद अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए पुणे आ गए। मोहन आगाशे ने बीबी जे मेडिकल कॉलेज, पुणे से एमबीबीएस डिग्री के लिए अध्ययन किया। बाद में वह मनोचिकित्सा में स्नातकोत्तर पूरा करने के लिए कॉलेज वापस आए। उन्होंने डॉ डीएन नंदी के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया जोकि देश में सबसे अच्छे मनोचिकित्सकों में से एक माने जाते हैं। पुणे में अपने मेडिकल कॉलेज के वर्षों के दौरान, उन्हें उत्पल दत्त द्वारा नाटक-कला के सम्पर्क में आये और उन्हें उससे प्यार हो गया। अगाशे ने मुख्यत: मराठी और हिन्दी फ़िल्मो में काम किया है, इसके अलावा उन्होंने कुछ बंगाली, मलयाली और तमिल फ़िल्मों में भी अभिनय किया है। मोहन आगाशे ने बीजे मेडिकल कॉलेज और पुणे में ससून अस्पताल में मनोचिकित्सा के अध्यापक के रूप में कार्य किया। अपने मेडिकल कैरियर के अलावा, उन्होंने नैदानिक मनोविज्ञान और मनोविज्ञान के क्षेत्र में...

हिमेश रश्मिया

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#23july  हिमेश रेशमिया 23 जुलाई 1973   मुम्बई पत्नी: सोनिया कपूर (विवा. 2018), कोमल (विवा. 1995–2017) बच्चे: स्वयं रेशमिया माता-पिता: विपिन रेशमिया, मधु रेशमिया अन्य नाम: हर, हिमेश, हिमेश भाई, म्यूजिकल हिट मशीन 1995 में तब 21 वर्षीय हिमेश ने कोमल से शादी की थी।उनका एक पुत्र स्वयं है। 2016 में दोनों ने आम सहमति से तलाक के लिए आवेदन दिया, जो 2017 में जाकर स्वीकृत हुआ। 2018 में हिमेश ने टीवी अभिनेत्री सोनिया कपूर से विवाह कर लिया। हिमेश रेशमिया  एक गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता तथा फिल्म निर्माता हैं, जो प्रमुखतः हिन्दी फ़िल्मों में कार्यरत हैं। वर्ष 1998 में आयी प्यार किया तो डरना क्या से बॉलीवुड फिल्मों में एक संगीतकार के रूप में पदार्पण करने वाले हिमेश ने अगले कुछ वर्षों में हेलो ब्रदर (1999), कुरुक्षेत्र (2000), जोड़ी नम्बर वन (2001) और हमराज़ (2002) जैसी फिल्मों में संगीत दिया; हमराज़ के लिए उन्हें उनका पहला फ़िल्मफेयर नामांकन मिला था। इसके बाद 2003 में उन्होंने तेरे नाम फिल्म में संगीत दिया, जिसकी संगीत एल्बम उस वर्ष की सर्वाधिक बिकने वाली एल्बम थी, और इसके लिए ...

महमूद

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#23july  #29sep  महमूद 🎂 29 सितंबर, 1932 जन्म भूमि मुम्बई, भारत ⚰️23 जुलाई, 2004 मृत्यु स्थान अमेरिका अन्य नाम महमूद अली अभिभावक पिता- मुमताज़ अली पति/पत्नी मधु अली कर्म भूमि मुम्बई कर्म-क्षेत्र अभिनेता मुख्य फ़िल्में 'प्यार किए जा', 'पड़ोसन', 'कुँवारा बाप' आदि। पुरस्कार-उपाधि फ़िल्मफेयर पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता (4 बार) नागरिकता भारतीय अन्य जानकारी तीन दशक लम्बे चले उनके कैरियर में इन्होंने 300 से ज़्यादा हिन्दी फ़िल्मों में काम किया। फ़िल्म जगत् के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता थे। उनका पूरा नाम महमूद अली था। तीन दशक लम्बे चले उनके कैरियर में उन्होंने 300 से ज़्यादा हिन्दी फ़िल्मों में काम किया। अपने बहुरंगीय किरदारों से दर्शकों को हँसाने और गंभीर भूमिका कर रुलाने वाले महमूद अभिनय के प्रति समर्पित थे। अपने बहुमुखी अभिनय और कला के प्रति समर्पण ने उन्हें बुलंदियाँ दी और उनको फ़िल्मफ़ेयर सहित कई पुरस्कारों का सम्मान मिला। उन्होंने कई फ़िल्मों में गीत ही नहीं गाये बल्कि फ़िल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया। जन्म और परिवार महमूद का जन्म 29 सितंबर, 1932, मुम्ब...

शिव कुमार बटालवी

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#23july  #06may  शिव कुमार बटालवी  🎂23 जुलाई, 1936 जन्म भूमि बड़ा पिंड लोहतियाँ, सियालकोट (अविभाजित भारत  ⚰️06 मई, 1973 मृत्यु स्थान पंजाब कर्म भूमि भारत कर्म-क्षेत्र कवि, लेखक,  अन्य नाम बिरह का सुल्तान नाटककार मुख्य रचनाएँ 'पीड़ां दा परागा', 'लाजवंती', 'आटे दीयां चिड़ियां', 'मैनूं विदा करो', 'दरदमन्दां दीआं आहीं', 'लूणां', 'मैं ते मैं' 'आरती' और 'बिरह दा सुल्तान' आदि। प्रसिद्धि पंजाबी कवि व शायर नागरिकता भारतीय पंजाबी भाषा के एक विख्यात कवि थे, जो उन रोमांटिक कविताओं के लिए सबसे ज्यादा जाने जाते हैं, जिनमें भावनाओं का उभार, करुणा, जुदाई और प्रेमी के दर्द का बखूबी चित्रण है। शिव कुमार बटालवी ऐसे शायर और कवि थे जो एक छोटी-सी जिंदगी में इतना नाम बना गये कि आज भारत में हर नौजवां के सीने में धड़कते हैं। उनके गीतों में ‘बिरह की पीड़ा’ इस कदर थी कि उस दौर की प्रसिद्ध कवयित्री अमृता प्रीतम ने उन्हें बिरह का सुल्तान नाम दे दिया। शिव कुमार बटालवी यानी पंजाब का वह शायर, जिसके गीत हिंदी में न आकर भी वह बहुत लोकप्रिय हो गया।...