कानन देवी

#17जुलाई
#22april 
कानन देवी
🎂22 अप्रैल 1916
⚰️ 17 जुलाई 1992
कानन देवी भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री, गायिका और फ़िल्म निर्माता थीं। उनका मूल नाम 'कानन बाला' था। भारतीय सिनेमा जगत् में कानन देवी का नाम एक ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने न केवल फ़िल्म निर्माण की विधा बल्कि अभिनय और पार्श्वगायन से भी दर्शकों के बीच अपनी ख़ास पहचान बनाई थी। बगैर प्रशिक्षण हासिल किए कानन ने गायन की दुनिया में प्रवेश किया और अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई। वह पहली बांग्ला कलाकार थीं, जिन्हें भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान के लिए 1976 में 'दादा साहेब फाल्के पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।
फ़िल्मी शुरुआत
कानन देवी का जन्म पश्चिम बंगाल के हावड़ा में 22 अप्रैल, 1916 को एक मध्यम वर्गीय बंगाली परिवार में हुआ था। बाल्यावस्था के दिनों में ही उनके दत्तक पिता रमेश चन्द्र दास की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार की आर्थिक ज़िम्मेदारी को देखते हुए कानन देवी अपनी माँ के साथ काम में हाथ बंटाने लगीं। कानन देवी जब सिर्फ़ 10 वर्ष की ही थीं, तब अपने एक पारिवारिक मित्र की मदद से उन्हें 'ज्योति स्टूडियो' द्वारा निर्मित फ़िल्म 'जयदेव' में काम करने का अवसर मिला। इसके बाद कानन देवी को ज्योतिस बनर्जी के निर्देशन में राधा फ़िल्म्स के बैनर तले बनी कई फ़िल्मों में बतौर बाल कलाकार काम करने का मौका मिला। वर्ष 1934 में प्रदर्शित फ़िल्म 'माँ' बतौर अभिनेत्री कानन देवी के सिने कैरियर की पहली हिट फ़िल्म साबित हुई।
सफलता
कुछ समय के बाद कानन देवी न्यू थियेटर में शामिल हो गईं। इस बीच उनकी मुलाकात रायचंद बोराल से हुई, जिन्होंने कानन देवी के सामने हिन्दी फ़िल्मों में काम करने का प्रस्ताव रखा। तीस और चालीस के दशक में फ़िल्म अभिनेता या अभिनेत्रियों को फ़िल्मों में अभिनय के साथ ही पार्श्वगायक की भूमिका भी निभानी पड़ती थी। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए कानन देवी ने भी संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। उन्होंने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा उस्ताद अल्लारक्खा और भीष्मदेव चटर्जी से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अनादि दस्तीदार से रवीन्द्र संगीत भी सीखा। वर्ष 1937 में प्रदर्शित फ़िल्म 'मुक्ति' बतौर अभिनेत्री कानन देवी के सिने करियर की सुपर हिट फ़िल्म साबित हुई। पी.सी.बरुआ के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म की ज़बरदस्त कामयाबी के बाद कानन देवी न्यू थियेटर की चोटी की कलाकारों में गिनी जाने लगी थीं।
मुंबई_आगमन
सन 1941 में कानन देवी ने न्यू थियेटर छोड़ दिया और अब वे स्वतंत्र तौर पर काम करने लगीं। 1942 में प्रदर्शित फ़िल्म 'जवाब' बतौर अभिनेत्री कानन देवी के सिने करियर की सर्वाधिक हिट फ़िल्म साबित हुई। इस फ़िल्म में उन पर फ़िल्माया गया यह गीत- "दुनिया है तूफान मेल", उन दिनों श्रोताओं के बीच काफ़ी लोकप्रिय हुआ। इसके बाद कानन देवी की 'हॉस्पिटल', 'वनफूल' और 'राजलक्ष्मी' जैसी फ़िल्में भी प्रदर्शित हुई, जो टिकट खिड़की पर सुपरहिट रहीं। अपनी इस सफलताओं के बाद कानन देवी ने सन 1948 में फ़िल्म नगरी मुंबई (भूतपूर्व बम्बई) का रुख़ किया। 1948 में ही प्रदर्शित फ़िल्म 'चंद्रशेखर' एक अभिनेत्री के रूप में कानन देवी की अंतिम हिन्दी फ़िल्म थी। फ़िल्म में उनके नायक की भूमिका अशोक कुमार ने निभाई थी।
पुरस्कार
वर्ष 1949 में कानन देवी ने फ़िल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रख दिया। 'श्रीमती पिक्चर्स' के अपने बैनर तले कानन देवी ने कई सफल फ़िल्मों का निर्माण किया। वर्ष 1976 में फ़िल्म निर्माण के क्षेत्र में कानन देवी के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें फ़िल्म जगत् के सर्वोच्च सम्मान 'दादा साहब फाल्के पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। कानन देवी बंगाल की पहली अभिनेत्री बनीं, जिन्हें यह पुरस्कार दिया गया था।
↔️फ़िल्मी सफर
अपने तीन दशक लंबे सिने कैरियर में उन्होंने लगभग 60 फ़िल्मों में अभिनय किया। उनकी अभिनीत उल्लेखनीय फ़िल्मों में- 'जयदेव', 'प्रह्लाद', 'विष्णु माया', 'माँ', 'हरि भक्ति', 'कृष्ण सुदामा', 'खूनी कौन', 'विद्यापति', 'साथी', 'स्ट्रीट सिंगर', 'हार-जीत', 'अभिनेत्री', 'परिचय', 'लगन', 'कृष्ण लीला', 'फैसला' और 'आशा' आदि शामिल हैं।
फ़िल्म_निर्माण
कानन देवी ने अपने बैनर 'श्रीमती पिक्चर्स' के तहत कई फ़िल्मों का निर्माण भी किया। उनकी फ़िल्मों में कुछ हैं-
वामुनेर में (1948)
अन्नया (1949)
मेजो दीदी (1950)

दर्पचूर्ण (1952)
नव विद्यान (1954)
आशा (1956)
आधारे आलो (1957)
राजलक्ष्मी ओ श्रीकांता (1958)
इंद्रनाथ, श्रीकांता औ अनदादीदी (1959)
अभया ओ श्रीकांता (1965)
🎥
1926 जयदेव
1927 शंकराचार्य
1931 ऋषिर प्रेम
1931 जोर बारात
1932 बिष्णुमाया
1932 प्रहलाद
1933 श्री गौरांग
1933 चार दरवेश
1934 मां
1934 हरि भक्ति
1935 कंथाहार
1935 मनमोई गर्ल्स स्कूल
1935 बसबदत्ता
1936 बिशबृक्ष
1936 कृष्ण सुदामा
1936 खूनी कौन
1936 मां
1937 विद्यापति हिंदी,बंगाली
1938 साथी
1938 स्ट्रीट सिंगर
1939 सपेरा
1940 जवानी की रीत
1940 परजय
1940 हार जीत
1940 अभिनयित्री
1941 परिचय
1941 डूबा हुआ जहाज़
1942 शेष उत्तर
1942 जवाब
1943 जोगाजोग
1944 बिदेशिनी
1945 पथ बेंधे दिलो
1945 बनफूल
1945 राज लक्ष्मी
1946 कृष्ण लीला
1947 चंद्रशेखर
1947 फैसला
1948 बांकेलेखा
1948 अनिर्बान
1949 अनन्या
1949 अनुराधा
1950 मेज दीदी
1952 दर्पचूर्ण
1954 नबाबिधान
1955 देबत्रा
1956आशा
1957अंधारे आलो
1958राजलक्ष्मी ओ 1959श्रीकांत
1965इंद्रनाथ 

पार्श्व गायक

आशा (1956) (पार्श्व गायिका)
देबत्रा (1955) (पार्श्व गायिका)
नबा बिधान (1954) (पार्श्व गायक)
दर्पचूर्ण (1952) (पार्श्व गायक)
मेजदीदी (1950) (पार्श्व गायिका)
अनन्या (1949) (पार्श्व गायिका)
अनिर्बान (1948) (पार्श्व गायक)
बांकेलेखा (1948) (पार्श्व गायिका) ... उर्फ ​​द क्रुक्ड राइटिंग
फ़ैसला (1947) (पार्श्व गायिका)
चंद्रशेखर (1947) (पार्श्व गायक)
अरेबियन नाइट्स (1946) (पार्श्व गायक)
कृष्ण लीला (1946) (पार्श्व गायक) ... उर्फ ​​राधा कृष्ण प्रेम ... उर्फ ​​भगवान कृष्ण की कहानी
तुम और मैं (1946) (पार्श्व गायक)
तुमी आर आमी (1946) (पार्श्व गायिका)
बन फूल (1945) (पार्श्व गायक)
पथ बेंधे दिलो (1945) (पार्श्व गायक)
राजलक्ष्मी (1945) (पार्श्व गायिका)
बिदेशिनी (1944) (पार्श्व गायिका)
जोगाजोग (1943) (पार्श्व गायक)
जवाब (1942) (पार्श्व गायक) ... उर्फ ​​शेष उत्तर (भारत: बंगाली शीर्षक) ... उर्फ ​​द लास्ट रिप्लाई
लगान (1941) (पार्श्व गायक)
परिचय (1941) (पार्श्व गायक) ... उर्फ ​​परिचित ... उर्फ ​​विवाह
अभिनयि (1940) (पार्श्व गायिका)
हार जीत (1940) (पार्श्व गायक)
जवानी की रीत (1939) (पार्श्व गायक)
पराजय (1939) (पार्श्व गायक)
सपेरा (1939) (पार्श्व गायक) ... उर्फ ​​द स्नेक-चार्मर (भारत: अंग्रेजी शीर्षक)
सपुरे (1939) (पार्श्व गायक) ... उर्फ ​​द स्नेक-चार्मर (भारत: अंग्रेजी शीर्षक)
बिद्यापति (1937) (पार्श्व गायिका)
मुक्ति (1937/I) (पार्श्व गायिका) ... उर्फ ​​स्वतंत्रता ... उर्फ ​​आत्मा की मुक्ति
मुक्ति (1937/II) (पार्श्व गायिका)
विद्यापति (1937) (पार्श्व गायक)
बिशबृक्ष (1936) (पार्श्व गायिका) ... उर्फ ​​द पॉइजन ट्री
कृष्ण सुदामा (1936) (पार्श्व गायक) ... उर्फ ​​कृष्ण और सुदामा
मनमोई गर्ल्स स्कूल (1935) (पार्श्व गायिका)
माँ (1934) (पार्श्व गायिका)
चार दरवेश (1933) (पार्श्व गायक) ... उर्फ ​​मर्चेंट ऑफ अरेबिया (भारत: अंग्रेजी शीर्षक)
विष्णुमाया (1932) (पार्श्व गायिका) ... उर्फ ​​भगवान विष्णु के कार्य
जोर बारात (1931) (पार्श्व गायक)
प्रहलाद (1931/I) (पार्श्वगायक)

निर्माता

अभय ओ श्रीकांत (1965) (निर्माता)
इंद्रनाथ श्रीकांत ओ अन्नादादी (1959) (निर्माता)
राजलक्ष्मी ओ श्रीकांत (1958) (निर्माता)
अँधेरे आलो (1957) (निर्माता)
आशा (1956) (निर्माता)
देबत्रा (1955) (निर्माता)
नबा बिधान (1954) (निर्माता)
दर्पचूर्ण (1952) (निर्माता)
मेजदीदी (1950) (निर्माता)
अनन्या (1949) (निर्माता)
बामुनेर मेये (1949) (निर्माता)
निधन
अपनी निर्मित फ़िल्मों, पार्श्वगायन और अभिनय के जरिए दर्शकों के बीच ख़ास पहचान बनाने वाली कानन देवी 17 जुलाई, 1992 को इस दुनिया को अलविदा कह गईं।

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