दलीप कुमार


#11dic
#07july
दलीप कुमार
🎂11 दिसंबर 1922,
Qissa Khwani Bazaar, पेशावर, पाकिस्तान
⚰️0 7 जुलाई 2021,
P. D. Hinduja Hospital and Medical Research Centre, मुम्बई
पत्नी: अस्मा रहमान (विवा. 1981–1983), सायरा बानो (विवा. 1966–2021)
भाई: नासिर ख़ान, फरीदा ख़ान, एहसान खान, सईदा खान, अख्तर आसिफ, ज़्यादा
इनाम: फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, पद्म विभूषण।
दिलीप कुमार
(11 दिसंबर, 1922 - 7 जुलाई, 2021)
(जन्म का नाम: मुहम्मद यूसुफ़ ख़ान), हिन्दी फ़िल्मों के एक प्रसिद्ध अभिनेता थे जो भारतीय संसद के उच्च सदन राज्य सभा के सदस्य रह चुके है। दिलीप कुमार को भारत तथा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं में गिना जाता है, उन्हें दर्शकों द्वारा 'अभिनय सम्राट' के नाम से पुकारा जाता है, वे आज़ादी से लेकर 60 के दशक तक भारत के सबसे लोकप्रिय अदाकार थे। वे हिंदी सिनेमा के आज तक के सबसे कामयाब अदाकार हैं। उनके फ़िल्मों की कामयाबी दर लगभग अस्सी (80) फ़ीसदी से ऊपर रही है छह दशकों के कार्यकाल में।उन्हें दुनिया में पहली बार परदे पर 'मेथड एक्टिंग' को इजाद करने का श्रेय भी दिया जाता है जिसके कारण वे तमाम पीढ़ियों के अदाकार के प्रेरणाश्रोत रहे।दिलीप कुमार को भारत का दूसरा एवं तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण और पद्म भूषण प्राप्त है । उन्हें पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज़ भी प्राप्त है।अभिनेेत्री और निर्माता देविका रानी ने उन्हें फिल्मों में काम दिया और उन्हीं के सुझाव पर उन्होंने अपना स्टेज नाम 'दिलीप कुमार' रखा। इसका एक कारण उस वक्त तक सिनेमा की बदनाम स्थिति थी और पिता का डर भी था।
अपने करियर के शुरुआती वर्षों में कई सफल त्रासद या दु:खद भूमिकाएं करने के कारण उन्हें मीडिया में 'ट्रेजिडी किंग' भी कहा जाता था। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार उनकी बहुत सी फ़िल्में इसलिए भी कामयाब हुईं क्योंकि जनता सिर्फ़ उनकी अदाकारी देखने आया करती थी फिर चाहे उन चलचित्रों में खास मनोरंजन के तत्व ना भी हों। इस प्रकार के वाक्या और किसी भी अदाकार के साथ नही हुएं हैं। उन्होंने बहुत सी बड़े पैमाने पर कामयाब फ़िल्मों में अदाकारी की है जो आजतक सबसे सफल चलचित्रों में गिनी जातीं हैं जैसे मुग़ल-ए-आज़म (1960),
गंगा जमना (1961), इत्यादि। उन्होंने अपने करियर के दूसरे पड़ाव में भी कई अत्यंत कामयाब फिल्में दीं जब वह वृद्ध किरदार की भूमिका में भी प्रमुख किरदार निभा रहे थे। ऐसा वाक्या भी उनके अतिरिक्त किसी अदाकार के साथ नहीं हुआ है।उन्होंने फिल्मों में अदाकारी को रंगमंच से अलग किया और उसे नई परिभाषा दी जिसका प्रभाव उनके बाद के कलाकारों पर रहा।1998 में आई किला उनके करियर की आखिरी फ़िल्म थी। उन्हें वर्ष 1994 में भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अपने अभिनय और भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार लाने के लिए उन्हें पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार निशान-ए-इम्तियाज़ दिया गया जिसे प्राप्त करने वाले वे इकलौते भारतीय हैं।
दिलीप कुमार के जन्म का नाम मुहम्मद युसुफ़ खान था। उनका जन्म ब्रिटिश भारत के पेशावर (अब पाकिस्तान मे) में हुआ था। उनके पिता मुंबई आ बसे थे, जहाँ उन्होने हिन्दी फ़िल्मों में काम करना शुरू किया। उन्होंने अपना नाम उस समय बड़ी चालाकी से परिवर्तित कर मुस्लिम नाम (यूसुफ खान) से हिंदू नाम (दिलीप कुमार) रख लिया जिससे की उन्हे हिन्दी फिल्मों में अधिक पहचान मिल सके और उनका नाम एक हीरो की छवि के रूप में ऊपर जा सके।

तराना की शूटिंग के दौरान कुमार को मधुबाला से प्यार हो गया था। वे सात साल तक रिश्ते में रहे लेकिन नया दौर अदालत के मामले में कुमार ने मधुबाला और उसके पिता के खिलाफ गवाही दी, जिससे उनका रिश्ता खत्म हो गया। मुगल-ए-आजम (1960) के बाद उन्होंने फिर कभी साथ काम नहीं किया। 1950 के दशक के उत्तरार्ध में, वैजयंतीमाला को पत्रिकाओं द्वारा कुमार से जोड़ा गया, जिन्होंने उनके साथ किसी भी अन्य अभिनेत्री की तुलना में सबसे अधिक अभिनय किया, जिसके परिणामस्वरूप उनके बीच शानदार ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री हुई। अपने होम प्रोडक्शन गंगा जमना (1961) के लिए काम करते हुए, कुमार ने कथित तौर पर साड़ी के उस शेड को चुना जिसे वैजयंतीमाला हर दृश्य में पहनती थी।

दिलीप कुमार ने अभिनेत्री सायरा बानो से 1966 में विवाह किया। सायरा बचपन से ही अपने पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार से विवाह करना चाहती थीं। विवाह के समय दिलीप कुमार 44 वर्ष और सायरा बानो 22 वर्ष की थीं। 1981 में कुछ समय के लिए असमा रहमान से दूसरी शादी भी की थी। असमा हैदराबाद की रहने वाली थीं। दिलीप कुमार की मुलाकात उनसे एक क्रिकेट मैच के दौरान उनकी बहनों ने कराई थी। वर्ष 2000 से 2006 तक वे राज्य सभा के सदस्य रहे। 1980 में उन्हें सम्मानित करने के लिए मुंबई का शेरिफ घोषित

किया गया। 1991 में भारत सरकार ने उन्हें तीसरे सर्वाेच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण और 2015 में दूूसरे सर्वाेच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया। 1995 में उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1998 में उन्हे पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज़ भी प्रदान किया गया।

⚰️दिलीप कुमार का 7 जुलाई 2021 को 98 वर्ष की आयु में सुबह 7:30 बजे हिंदुजा अस्पताल, मुंबई में निधन हो गया। लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। वह टेस्टिकुलर कैंसर और फुफ्फुस बहाव के अलावा कई उम्र से संबंधित बिमारियों से पीड़ित थे। महाराष्ट्र सरकार ने उसी दिन जुहू मुस्लिम कब्रिस्तान में राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार को मंजूरी दी।
🎥
प्रमुख फिल्मे
1998 क़िला 
1991 सौदागर 
1986 कर्मा 
1982 विधाता
1982 शक्ति 
1981 क्रांति
1968 संघर्ष
1967 राम और श्याम 
1964 लीडर 
1960 कोहिनूर
1960 मुगल-ए-आज़म
1958 मधुमती 
1957 नया दौर 
1955 देवदास 
1955 आज़ाद 
1952 दाग

🎥 लिस्ट

• सौदागर (1991 फ़िल्म)

• आग का दरिया (1990 फ़िल्म)

• इज्जतदार

• कानून अपना अपना (1988 फ़िल्म)

• कर्मा (1986 फ़िल्म)

धर्म अधीकारी (1986 फ़िल्म)

• मशाल (1984 फ़िल्म)

• दुनिया (1984 फ़िल्म)

• मज़दूर (1983 फ़िल्म)

• शक्ति (1982 फ़िल्म)

• विधाता (1982 फ़िल्म)

• क्रांति (1981 फ़िल्म)

• बैराग (1976 फ़िल्म)

• फिर कब मिलोगी

• सगीना (1974 फ़िल्म)

अनोखा मिलन (1972 फ़िल्म)

• दास्तान (1972 फ़िल्म)

• कोशिश (1972 फ़िल्म)

• गोपी (1970 फ़िल्म)

• सगीना महातो (1970 फ़िल्म)

• आदमी (1968 फ़िल्म)

• साधु और शैतान (1968 फ़िल्म)

• संघर्ष (1968 फ़िल्म)

• राम और श्याम (1967 फ़िल्म)

• दिल दिया दर्द लिया (1966 फ़िल्म)

• लीडर (1964 फ़िल्म)

• गंगा जमुना (1961 फ़िल्म)

• मुगल-ए-आज़म (1960 फ़िल्म)

• कोहिनूर (1960 फ़िल्म)

• पैगाम (1959 फ़िल्म)

• मधुमती (1958 फ़िल्म)

• यहुदी (1958 फ़िल्म)

• मुसाफिर (1957 फ़िल्म)

• नया दौर (1957 फ़िल्म)

• आजाद (1955 फ़िल्म)

• देवदास (1955 फ़िल्म)

• इंसानियत (1955 फ़िल्म)

• उडन खटोला (1955 फ़िल्म)

• अमर (1954 फ़िल्म)

• फुटपाथ (1953 फ़िल्म)

• शिक्स्त (1953 फ़िल्म)

• आन (1952 फ़िल्म)

• दाग (1952 फ़िल्म)

• संगदिल (1952 फ़िल्म)

• दिदार (1951 फ़िल्म)

• हलचल (1951 फ़िल्म)

• तराना (1951 फ़िल्म)

• आरजू (1950 फ़िल्म)

• बाबुल (1950 फ़िल्म)

• जोगन (1950 फ़िल्म)

• अंदाज (1949 फ़िल्म)

• शबनम (1949 फ़िल्म)

• अनोखा प्यार (1948 फ़िल्म)

• घर की इज्जत (1948 फ़िल्म)

• मेला (1948 फ़िल्म)

• नदिया के पार (1948 फ़िल्म)

• शहीद (1948 फ़िल्म)

• जुगनू (1947 फ़िल्म)

• नौका डूबी (1947 फ़िल्म)

• प्रतिमा (1945 फ़िल्म)

• ज्वार भाटा (1944 फ़िल्म)

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