संजय दत

#29july 
संजय बलराज दत्त
29 जुलाई 1959 
मुम्बई, महाराष्ट्र, भारत
पेशा
फ़िल्म अभिनेता, निर्माता, हास्य अभिनेता, राजनीतिज्ञ, दूरदर्शन 
बच्चे
त्रिशाला, शहरान, इक़ारा
माता-पिता
सुनील दत्त
नर्गिस
दत्त का जन्म 29जुलाई 1959 को बॉलीवुड सितारों सुनील दत्त और नर्गिस के घर हुआ।उनकी दो बहनें हैं- प्रिया दत्त और नम्रता दत्त।उनकी शिक्षा कसौली के पास लॉरेंस स्कूल, सनावर में हुई।उनकी माँ का मई 1989में, उनकी पदार्पण फ़िल्म के प्रथम प्रदर्शन से तीन दिन पहले निधन हो गया। उन्हें फ़िल्मों में उनके विभिन्न अभिनयों सहित उनके विवादित कार्यों मादक पदार्थों के सेवन आदि के लिए जाना जाता है।उन्हें  1982में अवैध मादक पदार्थ रखने के आरोप में 5माह की कारावास की सजा हुई थी। हवालात से निकलने के बाद उन्होंने 2वर्ष संयुक्त राज्य अमेरिका में व्यतीत किये। उनका अमेरिका में अधिकतर समय टेक्सास रेहाब क्लिनिक (टेक्सास पुनर्वसन क्लिनिक) में गुजरा। उसके बाद उन्होंने पुनः भारत आकर अपने कैरियर की ओर ध्यान दिया।

दत्त ने 1987में ऋचा शर्मा के साथ विवाह किया। शर्मा की ब्रेन ट्यूमर (मस्तिष्क की गाँठ) के कारण 1996में मृत्यु हो गई।इस दम्पति के घर में 1988 में एक लड़की ने जन्म लिया जिसका नाम त्रिशाला है और वो दत्त की पत्नी की मृत्यु और उनकी हिरासत के बाद अपने नाना-नानी के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में रहती है।दत्त का दूसरा विवाह मॉडल रिया पिल्लई के साथ 1998में हुआ।2005में उनका तलाक हो गया। दत्त ने दो वर्ष डेटिंग करने के बाद2008 में गोवा में एक निजी दावत में मान्यता (जन्म का नाम: दिलनवाज़ शेख) के साथ विवाह किया। 21 अक्टूबर 2010वो दो जुड़वा बच्चों के पिता बने जिनमें लड़के का नाम शहरान और लड़की का नाम इक़रा रखा।

विवाद

मुम्बई में 1993 में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट हुए। संजय दत्त बॉलीवुड के उन कुछ लोगों में से एक थे, जिनपर अप्रैल 1993 के बम विस्फोटों में शामील होने का आरोप लगा। उन्हें टाडा नियमों के अनुसार गिरफ्तार किया।दत्त को भारतीय उच्च न्यायालय से अक्टूबर 1995 में जमानत मिल गई लेकिन दिसम्बर 1995में उन्हें पुनः गिरफ्तार कर लिया गया। अप्रैल 1997 में उन्हें पुनः जमानत में मुक्त कर दिया गया।

यह मामला 2006में न्यायालय में आया और दत्त को रियाज़ सिद्दिक़ी, जो मुम्बई बम विस्फोटों के दोषी पाये गये, के साथ अबु सलेम से अपने घर पर हथियारों को रखने का दोषी पाया गया।यह दावा किया गया कि हथियार आतंकवादियों से जुड़े हथियारों की एक बड़ी खेप का हिस्सा थे। 2006-2007 के दौरान दत्त को सात माह ऑर्थर रोड जेल और अपराधों के लिए तीन अवसरों पर पुणे जेल में जाना पड़ा।अब्दुल क़य्यूम अब्दुल करिम शैख, जिन्हें आतंकवादियों के सरगना दाउद इब्राहिम के करीबी सहयोगी माना जाता था, को गिरफ्तार किया गया।दत्त ने हथियार रखने की बात को स्वीकार करते हुए क़य्यूम का नाम पुलिस को बताया था और कहा था कि सितम्बर 1992वो दुबई में क़य्यूम से पिस्तौल लाये थे।

31 जुलाई 2007को टाडा अदालत ने संजय दत्त को अवैध हथियार रखने का आरोपी पाया, हालांकि मुम्बई विस्फोटों में शामिल होने के आरोपों से बरी कर दिया गया।दत्त पुनः ऑर्थर जेल में आ गये और शीघ्र ही उन्हें पुणे की यरवदा केंद्रीय कारागार में भेज दिया गया।संजय ने सजा के खिलाफ अपील कीऔर 20 अगस्त 2007 को अंतरिम जमानत मिल गई, उसी समय टाडा अदालत ने उन्हें अपने फैसले की एक प्रति प्रदान की।22 अक्टूबर 2007 को संजय वापस जेल में चले गये, जहाँ से उन्होंने फिर से जमानत के लिए आवेदन दिया। 27 नवंबर 2007 को, संजय को सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत दे दी थी।21 मार्च 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने टाडा अदालत के फैसले को बरकरार रखा, लेकिन सजा कम कर पांच साल की कारावास कर दिया। जिनमें से 18 महीने वह मुकदमे के दौरान पहले ही जेल में बिता चुके थे। उन्हें अधिकारियों को आत्मसमर्पण करने के लिए चार सप्ताह दिए गए थे, अदालत ने अपराध की गंभीरता के कारण उन्हें प्रोबेशन पर रिहा करने से इनकार कर दिया था।

16 मई 2013 को उन्होंने मुंबई पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया। संजय दत्त को यरवदा केंद्रीय कारागार में रखा गया।  उन्हें 21 दिसंबर 2013 में पैरोल मिल गई। पैरोल को मार्च 2014 तक तीन बार बढ़ाया गया, जिस पर बंबई उच्च न्यायालय ने चिंता जताई और महाराष्ट्र सरकार से पैरोल के कानून में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया। वह पेरोल समाप्त होने के बाद यरवदा जेल लौट आये। 24 दिसंबर को यरवदा सेंट्रल जेल अधिकारियों द्वारा दी गई दो हफ्ते की फरलो (थोड़े दिन की छुट्टी) पर संजय बाहर रहे। उन्होंने कहा, "मेरा 18 किलोग्राम कम हो गया है। अब अगर मैं और अधिक वजन गिरा, तो शायद गायब ही हो जाऊंगा।" 25 फरवरी 2016 को संजय दत्त को उनके अच्छे व्यवहार कि चलते जेल की अवधि पूरी होने से पूर्व रिहा कर दिया गया।

संजय दत्त के जीवन पर आधारित एक बायोपिक फिल्म संजू बनाया गया है,जिसमें रणबीर कपूर ने प्रमुख भुमिका निभाई है।फ़िल्म 29 जून 2018 को प्रदर्शित हुई।

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