सोनू निगम
#30july
सोनू निगम
🎂30 जुलाई 1973
फरीदाबाद
पत्नी: मधुरिमा निगम (विवा. 2002)
बहन: निकिता निगम, मीनल निगम
बच्चे: नीवान निगम
माता-पिता: अगम कुमार निगम, शोभा निगम
वह हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध गायक हैँ। वे हिन्दी के अलावा कन्नड़, ओड़िआ, तमिल, असमिया, पंजाबी, बंगाली, मराठी और छत्तीसगढ़ी में भी गा चुके हैं। इन्होने बहुत से इन्डि-पॉप एलबम बनाए हैं और कुछ हिंदी फिल्मों में काम किया है।सोनू निगम चार साल की उम्र से गाते आ रहे हैं। उन्होंने सबसे पहले अपने पिताजी के साथ मंच पर मोहम्मद रफ़ी का गीत 'क्या हुआ तेरा वादा' गाया था। तभी से शादियों और पार्टियों में वे अपने पिताजी के साथ गाने लगे। कुछ और बड़े होने पर वे संगीत प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगे।19वर्ष कि आयु में गायन को अपना व्यवसाय बनाने के लिए वे अपने पिताजी के साथ मुम्बई आ गए। उन्होंने शास्त्रीय गायक उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान से शिक्षा ली।
शुरु के कुछ साल सोनू को अपना नाम बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने मुख्य रूप से टी-सीरीज़ की रफ़ी की यादें नामक एल्बमों के लिए मोहम्मद रफ़ी के गाने गाना शुरु किया। टी-सीरीज़ के मालिक गुलशन कुमार ने उन्हें ज़्यादा लोगों तक पहुँचने का अवसर दिया। पार्श्व गायक के रूप में सोनू ने अपना पहला गीत फ़िल्म 'जनम' (1990) के लिए गाया, जो कि कभी औपचारिक तौर पर रिलीज़ नहीं हुआ। सोनू ने अपना पहला गाना दूरदर्शन के धारावाहिक तलाश (1992) के लिए गाया इसके बाद फिल्म आजा मेरी जान (1993) के गाने ओ आसमान वाले जमी पर से बॉलीवुड में कदम रखा | एक रिपोर्ट के मुताबिक फ़िल्म 1942 अ लव स्टोरी का गाना एक लड़की को देखा पहले सोनू निगम गाने वाले थे, पर बाद मे कुमार सानू ने गाया | साल 1994 मे इन्होने रेडियो पर विज्ञापन बनाना शुरु किया। उनको बड़ी सफलता तब मिली जब उनका गाया हुआ गाना "अच्छा सिला दिया तुने मेरे प्यार का" 01 जनवरी 1993 मे रिलीज हुआ । फिर 1995में टी सिरीज ने 'बेवफा सनम' फिल्म मे ये गाना अनुराधा पौडवाल के साथ फिर से रिलीज किया । बाद मे 1995में ज़ी टी. वी. के प्रसिद्ध कार्यक्रम सा रे गा मा का उन्होंने संचालन शुरु किया।कुछ ही दिनों में यह कार्यक्रम बहुत प्रचलित हो गया। उनकी अगली सफलता 1997में 'बॉर्डर' फ़िल्म के गीत 'संदेसे आते हैं' के रूप में आई। 1999 में उनकी पहली सोलो एल्बम 'दीवाना' आई, जिसमें उन्होंने प्रेम-गीतों में अपना जौहर दिखाया और आज भी यह एल्बम भारत की सबसे सफल एल्बमों में से एक है। मोहम्मद रफ़ी की परछाईं कहलाना उन्होंने तब छोड़ दिया जब उसी साल उन्होंने नदीम-श्रवण द्वारा संगीत-निर्देशित 'परदेस' फ़िल्म का गीत 'यह दिल दीवाना' गाया। तब से, उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन गए हैं। तब से अब तक, सोनू भारतीय संगीत जगत में एक प्रमुख हस्ती बन चुके हैं। उन्होंने कई फ़िल्मों में पार्श्वगायन किया है और कई पुरस्कार भी जीते हैं।
हर तरह के गीत गाने के साथ-साथ उन्होंने अनेक भाषाओं में गाने गाए हैं, जैसे कि कन्नडा, आसामीज़, बंगाली, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलगु, अंग्रेज़ी, भोजपुरी, उर्दू, नेपाली, छत्तीसगढ़ी, मलयालम और मराठी।
सोनू निगम ने हिन्दी, उड़िया, पंजाबी और कन्नडा में पॉप-एल्बम निकाले हैं। हिन्दी में उनकी नवीनतम प्रस्तुति है 'क्लासिकली माइल्ड' जो कि एक अल्प-शास्त्रीय एल्बम है। उन्होंने हिन्दू एवं इस्लामिक धार्मिक एल्बमों के साथ-साथ, मोहम्मद रफ़ी के गानों के एल्बम भी निकाले हैं। २००८ में उन्होंने एक पंजाबी गाना 'पंजाबी प्लीज़' और 'रफ़ी रेसरेक्टेड' नामक मोहम्मद रफ़ी गीत संग्रह भी निकाला, जिसमें बर्मिंघम सिम्फ़नी ऑर्केस्ट्रा ने संगीत दिया है। उन्होंने अपनी एल्बम 'चन्दा की डोली' के कई गीत लिखे हैं और कई का संगीत-निर्देशन किया है। उनकी आखिरी एल्बम कन्नडा में 'नीने बारी नीने' है।
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1980 प्यारा दुश्मन
1982 उस्तादी उस्ताद से
1982 कामचोर
1983 बेताब
2002 जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी
2003 काश आप हमारे होते
2004 नेपाल में प्रेम
2005 नवरा माज़ा नवसाचा
2013 चेतावनी
2016 राख
2019 स्वच्छ
2019 एस.पी.चौहान
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