आशा लता ताई

#02july 
#22sep 
आशालता
🎂02 जुलाई 1941
गोवा , पुर्तगाली भारत
⚰️22 सितंबर 2020 (आयु 79)
सतारा , महाराष्ट्र , भारत
पेशा
अभिनेत्री
सक्रिय वर्ष
1970–2020
आशालता वाबगांवकर

आशालता ताई
(भारतीय अभिनेत्री,गायिका)

🎂जन्म 2 जुलाई, 1941 गोवा


⚰️मृत्यु 22 सितंबर, 2020सतारा, महाराष्ट्र


मुख्य 📽️ फ़िल्में अंकुश, अपने पराए, आहिस्ता आहिस्ता, शौकीन, वो सात दिन, नमक हलाल, यादों की कसम आदि।

शिक्षा एम.ए. (मनोविज्ञान), पोस्ट ग्रेजुएशन (कला)
विद्यालय नाथीबाई दामोदर ठाकरे महिला विश्वविद्यालय
प्रसिद्धि अभिनेत्री, मराठी गायिका, नाटककार
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी आशालता वाबगांवकर की पहली बॉलीवुड फिल्म 'जंजीर' थी। इस फिल्म में उन्होंने अमिताभ बच्चन की सौतेली मां का किरदार किया था।
मराठी और हिंदी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्होंने कई फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से बड़े पर्दे पर अमिट छाप थोड़ी थी। दूरदर्शन पर उन्होंने अपने कई सीरियलों से घर-घर पहचान बनाई थी। उन्हें मूल रूप से आशालता के नाम से जाना जाता था। आशालता वाबगांवकर गोवा की रहने वाली थीं और गोवा हिंदू एसोसियेशन से जुड़ी थीं। उन्होंने सबसे पहले कोंकणी और मराठी नाटकों में अभिनय करना शुरू किया था।
उन्होंने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। अभिनय के साथ ही उन्होंने मराठी फिल्मों के लिए गाने भी गाए थे। वे एक मराठी गायिका, नाटककार और फिल्म अभिनेत्री के रूप में प्रसिद्ध थीं।
आशालता वाबगांवकर की शुरुआती शिक्षा मुंबई के सेंट कोलंबो हाईस्कूल, गिरगांव में हुई थी। 12वीं के बाद कुछ समय तक उन्होंने मंत्रालय में पार्ट टाइम काम भी किया। इसी दौरान उन्होंने आर्ट में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने नाथीबाई दामोदर ठाकरे महिला विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में एमए किया था। उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो के मुंबई केंद्र पर कुछ कोंकणी गाने भी गाए।
आशालता वाबगांवकर ने कई शानदार हिंदी फिल्में भी की थीं। उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म 'जंजीर' थी। इस फिल्म में आशालता वाबगांवकर ने अमिताभ बच्चन की सौतेली मां का किरदार किया था। यह फिल्म साल 1973 में आई थी। वहीं आशालता वाबगांवकर को बॉलीवुड में असली पहचान बासु चटर्जी की फिल्म 'अपने पराए' से मिली थी। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का सह कलाकार पुरस्कार मिला था।
⚰️आशालता वाबगांवकर की मृत्यु 22 सितंबर, 2020 को हुई। कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से वे महाराष्ट्र के सतारा में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थीं।
📽️
आशालता वाबगांवकर की कुछ प्रमुख निम्न प्रकार हैं-

अंकुश

अपने पराए
आहिस्ता आहिस्ता
शौकीन
वो सात दिन
नमक हलाल
यादों की कसम

🎥

तिन्ही संजा (2016) मराठी फ़िल्म
सनराइज (2014) मराठी फिल्म राधाबाई (2014)
वन रूम किचन (2011) मराठी फ़िल्म जोशी काकू के रूप में
मणि मंगलसूत्र (2010) मराठी फ़िल्म
पुलिस फोर्स: एन इनसाइड स्टोरी - रेवती (विजय की माँ) (2004)
बेटी नंबर 1 - सावित्री (प्रिया की माँ) (2000)
दो आँखें बारह हाथ (1997)
दावा - भीष्म की माँ; अर्जुन और सूरज की सौतेली माँ (1997)
अग्नि साक्षी - श्रीमती कपूर (1996)
ज़ोरदार - रवि की माँ के रूप में (1996)
फौजी - बंसीलाल की पत्नी (1995)
इंसाफ अपने लहू से - लक्ष्मी एच. प्रसाद (मोहन की माँ) (1994)
प्रेम दीवाने (1992) - सुमन सिंह (आशुतोष की माँ)
हमला - श्रीमती देवकिशन शर्मा (1992)
किसमें कितना है दम - लाजवंती (1992)
जिंदगी एक जुआ लक्ष्मी के रूप में (1992)
झूठी शान - सावित्री (1991)
खून का कर्ज - जज (1991)
माहेरची साडी (1991) मराठी फ़िल्म
सौगंध - गंगा की माँ (1991)
प्रतिज्ञाबद्ध नन के रूप में (1991)
आज़ाद देश के गुलाम - शारदा ए. भंडारी (1990)
काली गंगा (1990)
शैतानी इलाका (1990)
बंद दरवाज़ा - कुमार की माँ के रूप में (1990)
घायल (1990) - श्रीमती अशोक प्रधान
जेलखाना (1989)
कमला की मौत - निर्मला एस. पटेल (1989)
महादेव - पद्म सिंह (1989)
अपना देश पराये लोग (1989)
दाता - रतनबाई के रूप में (1989)
बिल्लू बादशाह - सुमित्रा - विजय की माँ (1989)
गैर कनूनी - श्रीमती आशा दलाल (1989)
फ़र्ज़ की जंग - विक्रम की माँ (1989)
जीते हैं शान से - गीता वर्मा (1989)
हत्या - सब्जी विक्रेता (1988)
गम्मत जम्मत - श्रीमती दादासाहेब कोर्डे के रूप में (1987)
मार्टे डैम टाक - श्रीमती पीसी माथुर के रूप में (1987)
वतन के रखवाले - महावीर की माँ (1987)
इंसाफ की पुकार - श्रीमती जगन्नाथ (1987)
वो दिन आएगा - सुमित्रा (1987)
अंकुश - अनीता की माँ (1986)
पहुचे हुवे लॉग (1986)
घर द्वार - चंदा की माँ (1985)
यादों की कसम - गायत्री कपूर, रवि की माँ और बिशम्भरनाथ कपूर की पत्नी
वफ़ादार - श्रीमती दया सागर (1985)
राही बदल गए (1985)
कर्म युद्ध (1985) - गीता कुमार
सरफ़रोश - रानी उर्मिला देवी (1985)
ज़माना (1985 फ़िल्म) सुधा एस कुमार (1985)
नवरी मिले नवरियाला (1984) श्रीमती भाऊराव देशमुख के रूप में
पुराना मंदिर - दमयंती - रणवीर की बहन (1984)
ऑल राउंडर - रितु की माँ (1984)
राज तिलक (1984)
शराबी - श्रीमती कपूर (1984)
आज की आवाज़ - श्रीमती वी.वी. देशमुख (1984)
गुपचुप गुपचुप (1983) मराठी फ़िल्म
वो सात दिन (1983) माया की माँ के रूप में
सदमा - श्रीमती मल्होत्रा ​​(1983)
कुली - पार्वती (नाथू की पत्नी) (1983)
लव इन गोवा - मिसेज मेरी डिसूजा (1983)
नमक हलाल - निशा की माँ (1983)
दिल-ए-नादान (1982)
शौकीन - सीता चौधरी (1982)
अहिस्ता अहिस्ता कावेरी के रूप में (1981)
अपने पराये - सिद्धेश्वरी (1980)
चलते चलते (1976)
जंजीर - पुलिस इंस्पेक्टर की पत्नी - विजय की सौतेली माँ (1973)

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